सिसु को जानना

शांघाई अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन विश्वविद्यालय (Shanghai International StudiesUniversity),संक्षेप मेंसिसु(SISU),चीन के सबसे महत्त्वपूर्ण विश्वविद्यालयों में से एक है,जो सीधे शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रशासित है और चीन की211 परियोजना'(इस परियोजना में चुने गये विश्वविद्यालयों को सरकार से बड़ा आर्थिक समर्थन मिल सकता है) में शामिल किया गया है,जिसके निर्माण-कार्य में शांघाई सरकार भी आर्थिक सहायता देती है। दशकों से अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए और कड़ी मेहनत करते हुए अब सिसु एक मल्टीडिसिप्लिनरी,भूमंडलीकृत, देश के लिए श्रेष्ठ ग्लोब्ल-माइंडिड विदेशी भाषा पेशेवर तैयार करनेवालेऔरअंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता-प्राप्तविश्वविद्यालय में विकसित हुआ है। इस दौरान सिसु के शिक्षकों और छात्रों नेसदाचारिता,दूरदृष्टि और अकादमिक उत्कृष्टता'को अपना आदर्श वाक्य अपनाया है।

इतिहास

जब से दिसंबर 1949 में चीन जनक्रांति विश्वविद्यालय के अधीन शांघाई रूसी विद्यालय की स्थापना हुई,तब से सिसु का इतिहास शुरू हुआ। यह उच्चतर विदेशी भाषा शिक्षण के क्षेत्र में नये चीन की पहली कोशिश थी। सिसु के पहले प्रधान च्यांग छुनफ़ांग थे,जो रूसी के ख्याति-प्राप्त अनुवादक,प्रकाशक और चीन विश्वकोश के शिलान्यास डालनेवाले थे। पिछले साठ से अधिक सालों में अनेक बड़े बड़े विद्वान पढ़ाने और अध्ययन करने के लिए सिसु में एकत्रित हुए हैं,जिनमें फ़ांग छोंग,लु पेश्यान,लिंग तायांग,शु चोंगन्यान आदि शामिल हैं।

सिसु की खूबियां

अपनी स्थापना के बाद से सिसु अपने प्रकार के कालेजों और विश्वविद्यालयों की तुलना में अनेक विषयों में लगातार अग्रणी बना रहता है और उच्च स्तर की शैक्षणिक गुणवत्ता बनाये रखता रहता है। पिछले दो-तीन दशकों में एक संतुलित शैक्षिक ढांचा बनाने के लिये विदेशी भाषा और साहित्य को अपना प्रमुख विषय बरकरार रखते हुए सिसु ने अपने पांच प्रकार के विषयों (यानी भाषा और साहित्य,शिक्षा,अर्थशास्त्र,प्रबंधन,कानून) का समन्वित विकास करने की रणनीति अपनायी है।

3 राष्ट्र-स्तरीय प्रमुख विषय,2 शांघाई अग्रणी विषय,1कम सिखाई गई विदेशी भाषाओं कीराष्ट्रीय स्नातकपूर्व शिक्षा केंद्र होने के आधार पर हाल के वर्षों में सिसु को 10 राष्ट्र-स्तरीय फीचर्ड विषय स्थापित करने की अनुमति दी गई है और सिसु का विदेशी भाषा और साहित्य विषय शांघाई की सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय विषयों की सूची(श्रेणी ए) में शामिल किया गया है। इससे सिसु की शक्ति और बढ़ गई है और सिसु की विशेषता और स्पष्ट हो गई है। इसके अलावा

सिसु की ग्रेजुएट व्याख्या और अनुवाद इंस्टिट्यूट(Graduate Institute of Interpretation and Translation,GIIT) दुनिया भर की शीर्ष 15 दुभाषिये प्रशिक्षित करने की शिक्षा संस्थाओं में से एक है,जो हांगकांग,मकाओ और ताइवान क्षेत्रों सहित चीन की एकमात्र ऐसी संस्था है।GIIT एशिया भर में भी अपनी तरह की सबसे अच्छी शिक्षा संस्था है और वह सम्मेलन दुभाषियों के इंटरनेशनल एसोसिएशन(the International Association of Conference Interpreters,AIIC) की सबसे ऊंचीरैंकिंगसम्मानित हुई है।

उत्कृष्ट शोधकार्य

चीन से बाहर की दुनिया का परिचय करना'औरबाहर की दुनिया से चीन का परिचय करना'सिसु के दोहरे कर्तव्य हैं।अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए सिसु ने चीन के भाषा अनुसंधान और कूटनीति अंनुसंधान में अद्वितीय प्रतिष्ठा हासिल कर ली है। बहु-भाषा कार्यक्रमों और बहु-विषय संसाधनों को अपना आधार बनाकर देश की राष्ट्रीय और क्षेत्रीय रणनीतियों की सेवा करते हुए हम पचास से अधिक अनुसंधान संस्थान या केंद्र संचालित करते हैं और वे अकादमिक थिंक टैंकों के रूप में भाषा नीतियों,कूटनीतिक रणनीतियों और वैश्विक जनमत आदि क्षेत्रों में सलाहकार सेवाएं प्रदान करते हैं। इन अकादमिक संस्थाओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है और वे चीन के सामाजिक विज्ञान के विकास को और आगे बढ़ाने के लिए समर्पित हैं। सिसु की ओर से अब 11 सर्व-मान्य अकादमिक जर्नल प्रकाशित हैं,जिनमें चीन के राष्ट्रीय सामाजिक विज्ञान फाउंडेशन द्वारा वित्त पोषितविदेशी भाषा जर्नल' चीन कीसामाजिक विज्ञान क्षेत्र में शीर्ष 30 विश्वविद्यालय जर्नल्स'में भाषा अंनुसंधान की एकमात्र जर्नल है।

अंतर्राष्ट्रीय सहयोग

हम सक्रिय रूप से अंतर्राष्ट्रीय विनिमय और सहयोग आगे बढ़ाते हैं। हम अपने छात्र-छात्राओं को बाहर की दुनिया पर अपनी दृष्टि डालने,बहुसांस्कृतिक वातावरण में अपने आप को सक्षम बनाने और उच्च शिक्षा में दुनिया भर कीउत्कृष्ट उपलब्धियों औरउन्नत अनुभव आत्मसात् करने के लिए प्रोत्साहन देते हैं और उनसे ऐसे करने का अवसर प्राप्त कराने की कोशिश भी करते रहते हैं।अब तक हम 55 देशों या क्षेत्रों के 300 विश्वविद्यालयों या संस्थानों के साथ साझेदारी के संबंध स्थापित कर चुके हैं और संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ आदि अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए रखते हैं।

चीन और बाहर की दुनिया के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान आगे बढ़ाने के लिए हमने अचीनी-भाषियों के लिए चीनी पाठ्यपुस्तकों की एक शृंखला संकलित और प्रकाशित की है। हाल के पाँच वर्षों में हर वर्ष लगभग 4000 अंतर्राष्ट्रीय छात्र चीनी सीखने या अन्य डिग्री कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए सिसु में भर्ती करते हैं और चीन के अन्य कालेजों और विश्वविद्यालयों की तुलना में यह संख्या सबसे बड़ी है। चीनी संस्कृति का परिचय देने और सभ्यताओं के बीच पुल बांधने के लिए हमने अब तक एशिया,अफ्रीका,यूरोप और दक्षिण अमेरिका में स्थानीय संस्थाओं से मिलकर 7 कन्फ्यूशियस संस्थान स्थापित किये हैं।

परिसर और सुविधाएँ

सिसु के दो परिसर हैं,यानीहोंगखऊ परिसर औरसोंगच्यांग परिसर। दोनों परिसर एक ही परंपरा शेयर करने के साथ साथ अपनी अपनी विशेषताएं भी बनाये रखते हैं।

सिसु का पुस्तकालय चीन के विदेश अध्ययन विश्वविद्यालयों की लाइब्रेरी कंसोर्टियम के तीन प्रमुख सदस्यों में से एक है। वह दो भागों में विभाजित है यानी होंगखऊ परिसर का रन रन शॉ पुस्तकालय(Run Run Shaw Library) और सोंगच्यांग का सूचना केंद्र(Information Center)। हमारे पुस्ताकलय में लगभग 9.2 लाख सूचीबद्ध पुस्तकें,जिन में आधी से अधिक विदेशी पुस्तकें हैं,और 11 लाख से अधिक ई-पुस्तकें संग्रहीत हैं।

शिक्षण और अनुसंधान की आवश्यकताएं पूरी करने के लिए सिसु में एक विशाल डिजिटल ऑडियो विजुअल डेटाबेस का निर्माण हुआ है। हमारा विश्वविद्यालय अत्याधुनिक शिक्षण सुविधाओं से सुसज्जित है,जैसे विश्व स्तर की सिमलटेनियस इंटरप्रीटेशन सिस्टम,उपग्रह जमीन प्रणाली,सीसीटीवी प्रणाली,वायरलेस नेटवर्क सिस्टम,भाषा प्रयोगशालाएं इत्यादि।

समाज को योगदान

अपनी अंतरसांस्कृतिक विशेषज्ञता और पेशेवर ज्ञान का लाभ उठाते हुए सिसु के शिक्षक और छात्र स्वयंसेवकों के रूप में सक्रिय रूप से अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों,अंतर्राष्ट्रीय खेलों और अन्य बहुभाषाई आयोजनों की सेवा करते हैं। हम चीन के विदेशी भाषा शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। 2012 में ही सिसु से संबद्ध शांघाई विदेशी भाषा शिक्षा प्रेस (Shanghai Foreign Language Education Press, SFLEP) की ओर से 1268 पुस्तकें प्रकाशित हुईं,जिनमें से 890 या 70.1% पुस्तकों को पुनर्मुद्रित की जाने का अवसर मिला है। 2010 में चीन के सबसे अधिक उद्धृत सूचकांक के विश्लेषण( Analysis of Highly Cited Index of China 2010) में सूचीबद्ध भाषा विषयों के 10 सबसे अधिक उद्धृत पुस्तकों में की 5 पुस्तकेंSFLEPद्वारा प्रकाशित थीं और यह चीन के शिक्षा जगत् मेंSFLEP के बड़े प्रभाव का संकेतक है।

एक बहुसांस्कृतिक विश्वविद्यालय के रूप में सिसुSISUहमेशा ऐसे स्नातक तैयार करने में लगा है,जो वैश्विक दृष्टि,इंसानियत,पहल करने की हिम्मत,व्यावहारिक क्षमता और विदेशी भाषा विशेषज्ञता से संजोए हुए हों,ताकि वे विभिन्न संस्कृतियों के बीच पुल बांध सकें और भविष्य-उन्मुख विश्व नागरिक बन सकें।पिछले65से अधिक वर्षों में हमारे स्नातक चीन के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिएऔर दुनिया भर के लोगों के साथ दोस्ताना आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए दुनिया के हर कोने में अपने पदचिह्न छोड़ देते रहे हैं।

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